हरीश रावत फिर हुए सक्रिय, दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में की शिरकत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने फिर पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाए दिए. वो दिल्ली में सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल हुए.

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं. हरीश रावत ने दिल्ली में सीडब्ल्यूसी की बैठक में भाग लिया. बीते दिनों पूर्व हरीश रावत कुछ देर के लिए दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में तबीयत खराब होने के चलते भर्ती हुए थे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिनों आराम करने की सलाह दी थी, तब से हरीश रावत दिल्ली में अपने आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे. जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में आयोजित हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शिरकत की.

हरीश रावत ने बैठक में शामिल होने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि इस बैठक में सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अलावा अन्य सम्मानित सदस्य सम्मिलित रहे. उन्होंने बताया कि इस दौरान देश के वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर गंभीरता से विचार विमर्श किया गया और आगे की रणनीति के साथ-साथ आगामी कार्य योजना पर भी गंभीरतापूर्ण चर्चा की गई.

इधर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि दिल्ली में आला कमान के साथ एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पहले ही बैठक हो चुकी है. उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर प्रत्येक विधानसभाओं की स्थितियों पर चर्चा की गई है. उन्होंने बताया कि संगठन में बनाये जाने वाली और समितियों और संगठन की कमियों को दूर करने के लिए विस्तृत रूप से विमर्श किया गया है.

इसके साथ-साथ आगामी चुनाव को देखते हुए कैंपेनिंग के पार्ट को लेकर भी मंथन किया गया है. उन्होंने बताया कि 19 तारीख को सीडब्ल्यूसी की बैठक होने के बाद 20 अगस्त को भी दिल्ली में एक बैठक होने जा रही है. गणेश गोदियाल का कहना है कि बैठकों का दौर आगे भी इसी तरह जारी रहेगा.

गौर हो कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के राजनीति से संन्यास की अटकलें समय-समय पर लगाई जाती रही है. लेकिन हरीश रावत ने इन अटकलों को समय-समय पर अपनी सक्रियता से खारिज किया है. कई बार वो मंच से कह चुके हैं कि अभी संन्यास का उनका कोई इरादा नहीं है. लेकिन हरीश रावत के खिलाफ पार्टी के अंदर से ही विरोध से स्वर उठते रहे हैं.

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