ऑल्टस हेल्थकेयर में गोद भराई (बेबी शॉवर) उत्सव, मातृत्व को मिला खास अनुभव
ऑल्टस हेल्थकेयर में गोद भराई (बेबी शॉवर) उत्सव, मातृत्व को मिला खास अनुभव
25 दंपत्तियों ने कराया पंजीकरण, सुरक्षित गर्भावस्था व नवजात देखभाल पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
शहर के प्रतिष्ठित ऑल्टस हेल्थकेयर में 28 मार्च को गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों के लिए एक विशेष गोद भराई (बेबी शॉवर) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अनूठे आयोजन में 25 दंपत्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मातृत्व के इस विशेष चरण को खुशी और जानकारी के साथ अनुभव किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि मातृत्व से जुड़ी आवश्यक जानकारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा। इस अवसर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों ने गर्भावस्था के दौरान आहार, नियमित जांच, सुरक्षित प्रसव, दर्द रहित प्रसव (पेनलेस लेबर) के विकल्प तथा नवजात शिशु की देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। डॉक्टरों ने बताया कि सही मार्गदर्शन और समय पर देखभाल से गर्भावस्था को सुरक्षित और सुखद बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रोचक गेम्स एवं इंटरएक्टिव सत्र भी आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को शिक्षाप्रद जानकारी सहज और मनोरंजक तरीके से दी गई। इससे उपस्थित दंपत्तियों में उत्साह के साथ-साथ सीखने की रुचि भी देखने को मिली। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों को हेल्थ किट एवं आकर्षक उपहार वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम की खुशी और भी बढ़ गई।
इस अवसर पर डॉ. अनुजा के. रवि, डॉ. प्रियंका भंडारी, डॉ. मनीष, डॉ. रुचि गौर, डॉ. कनिका, डॉ. राहुल वशिष्ठ, डॉ. वरुण पराशर सहित अन्य चिकित्सक एवं कार्यक्रम संयोजक दीपिका की विशेष उपस्थिति रही। सभी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
ऑल्टस हेल्थकेयर, जो प्रसूति एवं बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित हो रहा है, अपनी “हेलो एक्सपीरियंस” पहल के माध्यम से प्रसव को अधिक सुरक्षित, व्यक्तिगत और सहयोगपूर्ण बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस पहल के अंतर्गत वर्षभर विभिन्न कैंप एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके।स्पिटल प्रबंधन के अनुसार, इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में मातृत्व एवं शिशु देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़े और हर परिवार इस महत्वपूर्ण जीवन चरण को सुरक्षित एवं सुखद अनुभव के साथ जी सके।
देहरादून —-मोनू राजवान ✍️✍️✍️
