किच्छा स्ट्रांग रूम के बाहर देर रात हंगामा, कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप और पुलिस के बीच नोकझोंक, जानें कारण
किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष के कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम में छह मतपेटियों को बदले जाने की आशंका है
रुद्रपुर: किच्छा में नगर पालिका चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद देर रात स्ट्रांग रूम के बाहर एक बार फिर माहौल गरमा गया. कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने मतपेटियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की. पुलिस द्वारा उन्हें स्ट्रांग रूम परिसर से बाहर ले जाने को लेकर भी समर्थकों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई. पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी मतपेटियों को लेकर सवाल उठाए. करीब रात 11 से 12 बजे तक मौके पर गहमागहमी बनी रही. हालांकि, मतपेटियों में कथित बदलाव या किसी धांधली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर देर रात हंगामा: नगर पालिका चुनाव के मतदान के बाद मंगलवार देर रात किच्छा में स्ट्रांग रूम के बाहर एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया. मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे जाने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. इस दौरान पुलिस और राजेश प्रताप सिंह के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. पुलिस उन्हें स्ट्रांग रूम परिसर से बाहर ले जाती दिखाई दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद समर्थकों में भी आक्रोश दिखाई दिया.
कांग्रेस प्रत्याशी ने जताई ये आशंका: कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम में छह मतपेटियों को बदले जाने की आशंका है. उन्होंने कहा कि जिन मतपेटियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनमें कथित तौर पर ‘जग्गू’ नाम पर दोहरी मोहर लगाए जाने की बात सामने आई है. उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले का संज्ञान लेने और मतपेटियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की.
राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रत्याशी के हस्ताक्षर के बिना मतपेटियों को पूरी तरह सुरक्षित मानने पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरीके से मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में रखा गया, उसमें पारदर्शिता का अभाव रहा. उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है.
पूर्व विधायक ठुकराल भी मौके पर पहुंचे: देर रात मौके पर पहुंचे रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने भी राजेश प्रताप सिंह के आरोपों का समर्थन करते हुए प्रशासन और सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि छह मतपेटियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. ठुकराल ने कहा कि यदि तत्काल मतगणना करा दी जाए, तो कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह की जीत का दावा सामने आएगा. हालांकि, यह दावा राजनीतिक पक्ष की ओर से किया गया है और मतगणना के परिणाम के बिना इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
इससे पहले भी मंगलवार को किच्छा में मतदान के दौरान और स्ट्रांग रूम में मतपेटियां जमा कराने के समय तनाव की स्थिति बनी थी. स्ट्रांग रूम की सुरक्षा और मतपेटियों को जमा कराने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़, भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और समर्थकों के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई तथा पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
मतदान समाप्त होने के बाद देर रात राजेश प्रताप सिंह और उनके समर्थक स्ट्रांग रूम के जमा हो गए. पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया, जिसके दौरान पुलिस और उनके बीच नोकझोंक हुई. कुछ देर तक मौके पर हंगामे और तनाव की स्थिति बनी रही. करीब रात 11 से 12 बजे तक पुलिस और प्रत्याशी के बीच बहस का दौर चलता रहा.
कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से लगाए गए मतपेटियां बदलने और धांधली के आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. निर्वाचन प्रक्रिया में मतपेटियों की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम की निगरानी को लेकर प्रशासन की ओर से पहले भी सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया था.
नगर पालिका अध्यक्ष के लिए बीजेपी के संदीप और कांग्रेस के राजेश के बीच है मुकाबला: किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के संदीप अरोड़ा और कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह के बीच मुकाबला है. मतदान मंगलवार को कराया गया और मतपेटियां स्ट्रांग रूम में जमा की गईं. अब सभी की नजरें निर्वाचन आयोग की अगली प्रक्रिया और मतगणना पर हैं. विवाद के बीच प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने मतपेटियों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम की निगरानी और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है.
अफसर नहीं उठा रहे फोन: ईटीवी भारत संवाददाता ने मामले को लेकर अपर जिला अधिकारी कौस्तुभ मिश्रा और अपर जिला अधिकारी पंकज उपाध्याय से फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया.
वहीं उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति को भी कॉल फोन के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन भी नहीं उठा. उसके बाद एसपी सिटी प्रमोद कुमार को भी फोन लगाया गया, लेकिन उनका फोन नहीं लगा.
इधर भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा को भी फोन लगाकर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. उसके बाद भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से फोन किया गया. उन्होंने बताया कि-
कांग्रेस पार्टी पहले दिन से ही हार मान चुकी है. जिस दिन भारतीय जनता पार्टी का शक्ति प्रदर्शन देखा था, उसी दिन से उन्होंने हार मान ली थी. वह अफवाह फैलाना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी मतपेटियों से छेड़खानी करके जीत हासिल करने का प्रयास कर रही है. कांग्रेस की सिर्फ रोने की आदत है. उन्होंने पहले ही हार मान ली है.
-राजेश शुक्ला, पूर्व विधायक, किच्चा-
