अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में लोक भवन में ‘महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में लोक भवन में ‘महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान
नारी शक्ति’ का सम्मान: “घर से ही शुरू होता है असली सशक्तिकरण राज्यपाल ने सराहा उत्तराखंड की महिलाओं का योगदान
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आज राजभवन स्थित लोक भवन में ‘महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान’ एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित कर उनके संघर्ष और सफलता को सराहा गया।शुरुआत घर से: सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी हमारा घर है। जब परिवार में महिलाओं को बराबरी और सम्मान मिलेगा, तभी समाज बदलेगा।
सार्थक सशक्तिकरण: “असली सशक्तिकरण उस दिन होगा जब महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए अलग से आवाज नहीं उठानी पड़ेगी और महिला दिवस जैसे आयोजनों की औपचारिकता खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी।बड़ी उपलब्धि: उन्होंने 30% महिला क्षैतिज आरक्षण और अनाथ बच्चों के लिए 5% सरकारी नौकरी में आरक्षण जैसे ऐतिहासिक फैसलों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
2047 के ‘विकसित भारत’ की नींव हैं महिला
एंराज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड की महिलाओं की प्रगति पर गर्व जताते हुए कहा कि पिछले एक दशक में यहाँ की महिलाओं ने हर क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में उत्तराखंड की नारी शक्ति का सबसे बड़ा योगदान होगा।इस गरिमामयी अवसर पर राज्य की प्रथम महिला गुरमीत कौर, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना समेत शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
