नैनीताल में 1 अगस्त से मॉल रोड पर हॉर्न बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगा सख्त एक्शन

नैनीताल मॉल रोड शहर का काफी व्यस्त रोड है. यहां सुबह से शाम तक सैलानी सैर करते रहते हैं.

नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल की यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. कुमाऊं कमिश्नर व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शहर के ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े अनेक अहम निर्णय लिए गए. इनमें सबसे बड़ा फैसला 1 अगस्त 2026 से मॉल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जुर्माना समेत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

इस मौके पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने कहा कि नैनीताल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण है और मॉल रोड उसकी पहचान है. यहां लोग शांत वातावरण में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं, लेकिन वाहनों के अनावश्यक हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और पर्यटकों का अनुभव प्रभावित होता है. इसी को देखते हुए 1 अगस्त से मॉल रोड को ‘नो हॉर्न जोन’ घोषित करने का निर्णय लिया गया है. जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को पहले से इसकी जानकारी मिल सके.

बैठक में नैनी झील के चारों ओर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तल्लीताल डांठ से हनुमानगढ़ी बैंड तक पूरे मार्ग को प्रभावी नो-पार्किंग जोन के रूप में लागू करने का निर्णय भी लिया गया. पुलिस और परिवहन विभाग को सख्ती से इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लग सके और जाम की समस्या कम हो.

सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र वाले सरकारी एवं निजी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए. ऐसे वाहनों को तत्काल सीज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. बैठक में निजी वाहनों से अवैध रूप से टैक्सी संचालन के बढ़ते मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई. परिवहन विभाग और पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की पहचान करने, चालान करने और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए.

पर्यटकों के बढ़ते दबाव और शहर में पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए रूसी बाईपास को आधुनिक पार्किंग हब के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया. इसके लिए जिलाधिकारी नैनीताल को निर्माण एजेंसी का चयन कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं. प्रस्तावित पार्किंग में शौचालय, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, दुकानों, सीसीटीवी निगरानी और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पर्यटकों को शहर में प्रवेश से पहले ही बेहतर पार्किंग सुविधा मिल सके.

मंडलायुक्त दीपक रावत ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्णयों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन कदमों से नैनीताल की यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी, ध्वनि एवं यातायात प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी.

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